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एक टिकट मेरे लिए भी
लघुशंका के बाद पिक्चर-हॉल में प्रवेश करना उचित होगा। यही सोच उसने सड़क किनारे बने मू़त्रालय का रुख किया। ‘बचपन की गलतियों से निराश न हों। नामर्दी, शीघ्रपतन, धातुरोग में जड़ी-बूटियों से गारण्टीशुदा इलाज के लिए ‘वैद्य जी कंचनगढ़ वाले’ से शीघ्र मिलें या लिखें, जवाबी लिफाफे के साथ।’


साँड
गाँव के मज़बूत और फ़ुर्तीले नौजवान हर तरह से तैयार होकर साँड की प्रतीक्षा करने लगे। जल्द ही मौक़ा हाथ आ गया। साँड के गाँव में घुसते ही नौजवानों की टोली अपने हाथों में लाठी और रस्सी लेकर उसके पीछे दौड़ पड़ी।


ग़ैरत (मिस्र की कहानी)
मूल कहानी : यूसुफ़ इदरीस अँग्रेज़ी से अनुवाद : श्रीविलास सिंह मुझे विश्वास है कि वे अब भी वहाँ प्रेम को ग़ैरत के रूप में संदर्भित करते हैं। वे संभवतः अभी भी इसके संबंध में ढँके-छिपे इशारे करते हुए, खुल कर बात करने में हिचकिचाते हैं, हालाँकि तब भी आप इसे उनकी आँखों की धुँधली दृष्टि में देख सकते हैं और तब भी जब लड़कियाँ लज्जा से सिंदूरी हो जाती हैं और शर्म से नीचे देखने लगती हैं। किसी अन्य फ़ार्म की ही भाँति, वह फ़ार
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