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ग़ैरत (मिस्र की कहानी)
मूल कहानी : यूसुफ़ इदरीस अँग्रेज़ी से अनुवाद : श्रीविलास सिंह मुझे विश्वास है कि वे अब भी वहाँ प्रेम को ग़ैरत के रूप में संदर्भित करते हैं। वे संभवतः अभी भी इसके संबंध में ढँके-छिपे इशारे करते हुए, खुल कर बात करने में हिचकिचाते हैं, हालाँकि तब भी आप इसे उनकी आँखों की धुँधली दृष्टि में देख सकते हैं और तब भी जब लड़कियाँ लज्जा से सिंदूरी हो जाती हैं और शर्म से नीचे देखने लगती हैं। किसी अन्य फ़ार्म की ही भाँति, वह फ़ार


जेन-ज़ी का तोता
एक पोस्ट की सुबह से शाम तक की उम्र का एक मामूली-सा लेखक अपने फालोवर्स के साथ आपको गाली बकता और अपने पोस्ट की उम्र को दो-चार दिनों के लिए बढ़ाता बेदाग निकल सकता है। क्योंकि उसकी इस हरकत से उसके उस पोस्ट की वह सुबह से शाम की सीमित उम्र कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ जाएगी।


जितेन्द्र विसारिया की कविताएँ
मैं-मैं हम पता नहीं
कब से कर रहे हैं
हम होकर उस
सँकरी गली में
चलकर देखें
जहाँ दो नहीं
समाते
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