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बाबूजी की साइकिल (संस्मरण)
प्यारी साइकिल न जाने किस दिन अज्ञात पथ पर विदा हो गयी। मुझे भी नहीं पता। मेरी स्मृतियों में पिताजी मुस्कुराते हुए साइकिल से घर लौट रहे हैं।


प्रेम और युद्ध (वियतनामी कहानी)
युद्ध को माफ कर दो। हर उस चीज़ को माफ़ कर दो जो हमारी यादों को नष्ट करती है। या हमें याद न रखने की वजह बनती है। या हमें पीड़ा पहुँचाती है।


मलाइका राय की कविताएँ
होती है मोहब्बत में हार,
बे-आबरू, कूचे से
निकलना पड़ता है।
खिलाना भी,
खाना पड़ता है अपना गोश्त,
इश्क़ निगलना पड़ता है।
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